आपने कभी सोचा है कि मोबाईल की बैटरी कुछ समय बाद इतनी जल्दी डिस्चार्ज क्यों होने लग जाती है। सुबह 100% चार्ज करो और दोपहर तक देखा तो बैटरी 20% से 25% के आस-पास होती है, और शाम होते-होते फोन जैसे दम तोड़ने लगता है और बंद होने की कगार पर होता है।
इसमें मोबाईल या बैटरी का दोष नहीं है और ना इसका आपकी किस्मत से कोई लेना-देना नहीं है। यह उन छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा है जो आप हर रोज़ जाने-अनजाने में करते हैं। मोबाइल बैटरी जल्दी खत्म होती है अभी और सबसे जरूरी बात यह है कि इनमें से ज़्यादातर गलतियाँ वे हैं जो आप खुद नहीं जानते या आपको किसी ने कभी बताई ही नहीं।
मोबाइल बैटरी जल्दी खत्म क्यों होती है ? आज हम उन ऐसी सात (7) गलतियों के बारे में बात करेंगे — बिना किसी घुमाव-फिराव के।
गलती नंबर 1 — रात भर चार्जिंग पर लगाना, यही सबसे बड़ी भूल है
यह भारत में आम बात है की लोग रात को सोने से पहले मोबाइल को चार्ज पर लगाकर सोते हैं । और सुबह उठते ही आपको लगता है कि फोन अब पूरी तरह से चार्ज हो चुका है । इसमें कुछ लोग ऐसे भी होते हैं ,जो इस भ्रम में होते हैं की फोन 100% चार्ज होने के बाद चार्ज होना बंद हो जाता है, हाँ ये बात सही है पर जब कुछ देर बाद मोबाईल बैटरी 99% पर आती है तो फिर से चार्ज होना शुरू हो जाता है। इसे “ट्रिकल चार्जिंग” कहते हैं और ये पूरी रात चलता रहता है जब तक सुबह आप उसे चार्ज से नहीं निकाल देते। और यही आपकी सबसे बड़ी गलती है जो आपके मोबाईल की बैटरी को अंदर से धीरे-धीरे कमज़ोर करती है
रात भर चार्ज पर रखने से बैटरी के अंदर जो लिथियम आयन होते हैं, वे बार-बार इस खिंचाव और छोड़ने की प्रक्रिया से थकते हैं। मैं ये नहीं कह रहा हूँ की आपके मोबाईल की बैटरी एक रात भर चार्ज करने में कमजोर हो जाएगी , लेकिन अगर आप रोज़ ऐसा करते हैं और धीरे-धीरे फोन बैटरी की उम्र आधी हो जाती है।
क्या करना चाहिए
सोने से पहले आप अपने फोन को 80-85% तक चार्ज करें और चार्ज से निकाल दें । अगर आपको ऐसा करने में परेशानी होती है तो आप अपने फोन की “शेड्यूल चार्जिंग” (Scheduled Charging) या “ऑप्टिमाइज़्ड चार्जिंग” (Optimized Charging) सेटिंग चालू करें जो ज़्यादातर नए फोन में होती है।
गलती नंबर 2 — गर्मी में फोन इस्तेमाल करना, जो आप हर गर्मी में करते हैं
मई-जून की चिलचिलाती धूप में भी लोग अक्सर फोन चलाते रहते हैं , धूप में भी फोन पर वीडियो देखना या गेम खेलना, इससे आपका फोन गर्म हो जाता है। यह जानते हुए भी कि ऐसा करने पर फोन गर्म होता है, फिर भी आप सोचते हैं की ऐसा तो होता रहता है कोई बात नहीं।
लेकिन यही वो समय है जब आपके फोन की बैटरी को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचता है।
लिथियम बैटरी के लिए सबसे सही तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच है। लेकिन जब फोन 45-50 डिग्री तक गर्म होता है, तो बैटरी के अंदर की रासायनिक प्रक्रिया बिगड़ने लगती है। जो एक बार बिगड़ी तो वापस नहीं आती।
सोचिए — कार के अंदर धूप में रखा हुआ फोन, तकिए के नीचे दबा हुआ फोन, या चार्जिंग के दौरान भारी गेम खेलना — यह सभी आपकी बैटरी की उम्र खा रहा है।
क्या करें ज्यादा तेज़ धूप में फोन को अपनी जेब में रखें या छाँव में। फोन को चार्ज करते हुए भारी काम या गेम न खेलें । अगर फोन बहुत गर्म हो जाए तो उसे कुछ देर के लिए बंद रखें ।
पुराने फोन का डेटा नए फोन में कैसे ट्रांसफर करें ? हिंदी गाइड !
गलती नंबर 3 — “सस्ता नकली चार्जर भी मोबाइल बैटरी जल्दी खत्म करता है”
आजकल बाज़ार में 50-100 रुपए में चार्जर आसानी से मिल जाते हैं जो बहुत लुभावने लगते हैं। लेकिन शायद आप नहीं जानते इनके अंदर जो सर्किट होता है वह बेहद घटिया होता है। असली चार्जर एक नियंत्रित बिजली की धारा भेजता है। लेकिन नकली चार्जर में यह नियंत्रण नहीं होता यह कभी ज़्यादा करंट, तो कभी कम, कभी अचानक उछाल। यह उतार-चढ़ाव बैटरी को नुकसान पहुँचाता है। कभी-कभी तो नकली चार्जर से आग लगने और फोन की बैटरी फटने के मामले भी सामने आए हैं। अगर आप बचत करने के हिसाब से सस्ता चार्जर इस्तेमाल करते हैं तो यह एक बार की बचत, आपके पूरे फोन की बर्बादी साबित होगी।
क्या करें: आपको हमेशा उसी कंपनी का चार्जर इस्तेमाल करना है जिस कंपनी का आपका फोन है। या फिर किसी भरोसेमंद ब्रांड का चार्जर भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिस पर BIS मार्क हो। 500 रुपए का असली चार्जर, आपके 15,000 रुपए के फोन को बचाता है।
गलती नंबर 4 — बैटरी 0% होने तक इस्तेमाल करना
यह बात सच है कि पहले के फोन में निकेल-कैडमियम (NiCd)बैटरी होती थीं । उनके साथ एक बड़ी समस्या थी, जिन्हें “मेमोरी इफेक्ट” कहते थे, मतलब उन्हें 0% तक डिस्चार्ज हुए बिना चार्ज किया जाय तो उसमें बची हुई क्षमता नष्ट हो जाती थी। और इसे बचाने के लिए पहले पूरा डिस्चार्ज करके चार्ज करना पड़ता था। लेकिन 2010 के बाद से सभी स्मार्टफोन लिथियम-आयन बैटरी के साथ आते हैं। अब इन बैटरियों के लिए पूरा खाली करना उल्टा नुकसानदायक है।
अगर आप बार-बार अपने मोबाईल की बैटरी को 0% तक डिस्चार्ज करते हैं , तो उसके अंदर का वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि बैटरी की संरचना को नुकसान पहुँचता है। बार-बार ऐसा करने से बैटरी की चार्जिंग “साइकिल काउंट” तेज़ी से कम होने लगती है। जिससे बैटरी जल्दी खराब हो जाती है ।
एक लिथियम बैटरी की औसत उम्र 300 से 500 “फुल साइकिल” होती है। अगर आप रोज़ 0 से 100% चार्ज करते हैं तो एक साल में ही 365 साइकिल पूरी हो जाती हैं।
क्या करें फोन को 20% तक डिस्चार्ज होने से पहले चार्ज करें, और 80-85% पर चार्ज से निकाल दें। यह एक आदत है जो आपकी बैटरी की उम्र को दोगुनी कर सकती है।
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि फोन को 80% या 100% तक चार्ज करना चाहिए, तो हमारी यह पोस्ट पढ़ें – फोन को 100% चार्ज करना सही है या गलत? जानिए
गलती नंबर 5 — बैकग्राउंड में चलते ऐप्स को नज़रअंदाज़ करना
आपको लगता है कि आपने ऐप बंद किया और हो गया, लेकिन ऐसा नहीं होता । ऐप को बंद करने और बैकग्राउंड से हटाने मे फर्क है, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब — ये सभी ऐप बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। नोटिफिकेशन के लिए, लोकेशन के लिए, डेटा सिंक के लिए। और आपको पता भी नहीं चलता और ये ऐप्स चुपचाप आपकी बैटरी इस्तेमाल करते रहते हैं। इस हिसाब से बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स स्मार्टफोन की बैटरी का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा रोज़ इस्तेमाल करते हैं।
क्या करें सेटिंग में जाकर “बैटरी यूज़” देखें। जो ऐप सबसे ज़्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहा हो उसकी “बैकग्राउंड गतिविधि” बंद करें। फेसबुक ऐप की जगह ब्राउज़र से फेसबुक खोलें — इससे बैटरी की बचत तुरंत दिखने लगेगी ।
गलती नंबर 6 — “स्क्रीन की चमक हमेशा फुल रखना, इसीलिए मोबाइल बैटरी जल्दी खत्म होने लगती है”
स्क्रीन आपके फोन का सबसे ज़्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाला हिस्सा है। और अगर चमक यानी ब्राइटनेस हमेशा फुल यानि 100% पर रहे, तो यह एक खुले नल की तरह है जो बैटरी को लगातार बहाता रहता है।
अगर आप धूप में फोन का इस्तेमाल करते है तब ब्राइटनेस बढ़ाना समझ में आता है। लेकिन अगर आप घर के अंदर, रात को, या छाँव में भी फुल 100% ब्राइटनेस रखना यह सिर्फ बैटरी की बर्बादी है। इसके अलावा OLED या AMOLED स्क्रीन की खासियत यह है की इसका काला रंग बिजली नहीं खाता। इसलिए डार्क मोड चालू रखेने पर फोन की में बैटरी को बचाता है।
क्या करें “ऑटो-ब्राइटनेस” मोड चालू रखें। रात को या कम रोशनी में ब्राइटनेस 30-40% पर रखें। अगर आपके फोन में AMOLED स्क्रीन है तो डार्क मोड ज़रूर चालू रखे
गलती नंबर 7 — फोन केस के साथ चार्ज करना
यह बात सुनने में छोटी लगती है, लेकिन आपके फोन की बैटरी लाइफ के लिए यह बहुत जरूरी है । जब फोन चार्ज होता है तो थोड़ा बहुत गर्म होना स्वाभाविक है। फोन के गर्म होने पर जो थोड़ी गर्मी निकलती है, वह फोन पर मोटा सिलिकॉन या चमड़े का कवर होने से यह गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। जिससे फोन के अंदर का तापमान बढ़ता है और जैसा की मैंने आपको पहले बताया, गर्मी बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मन है। फास्ट चार्जिंग के दौरान यह समस्या और भी ज़्यादा बड़ी होती है क्योंकि 65W या 100W चार्जर से तेज़ चार्जिंग में ज़्यादा गर्मी निकलती है।
क्या करें चार्जिंग के दौरान फोन का कवर उतार दें। खासकर अगर आप फास्ट चार्जर इस्तेमाल कर रहे हों। बस यह एक आदत बैटरी की उम्र में कई महीने जोड़ सकती है।
असली सच — जो कोई नहीं बताता
कई कंपनियाँ बैटरी की लंबी उम्र के बारे में खुलकर जानकारी नहीं देतीं, क्योंकि ज़्यादातर लोग इन आदतों पर ध्यान ही नहीं देते। लेकिन अगर आप मेरे द्वारा ऊपर बताई इन 7 गलतियों को सुधार लें, तो आपके फोन की बैटरी 3 से 4 साल तक उतनी ही दमदार रहेगी जितनी पहले दिन थी।
इससे आपका पैसा बचेगा। नया फोन खरीदने की जल्दबाज़ी कम होगी। और सबसे बड़ी बात,आप जानेंगे कि तकनीक को समझकर चलना कितना फायदेमंद है।
अगर आप इन आदतों को सुधार लें तो मोबाइल बैटरी जल्दी खत्म नहीं होगी ।
| गलती | नुकसान | हल |
|---|---|---|
| रात भर चार्जिंग | बैटरी जल्दी घिसती है | 80% पर रोकें |
| गर्मी में इस्तेमाल | रासायनिक नुकसान | छाँव में रखें |
| नकली चार्जर | बैटरी खराब, खतरा भी | असली चार्जर लें |
| 0% तक खाली करना | साइकिल काउंट घटती है | 20% पर चार्ज करें |
| बैकग्राउंड ऐप्स | चुपचाप बैटरी खाते हैं | बैकग्राउंड बंद करें |
| फुल ब्राइटनेस | बेकार बर्बादी | ऑटो ब्राइटनेस रखें |
| कवर के साथ चार्जिंग | गर्मी फँसती है | कवर उतारें |
अगर यह जानकारी काम की लगी हो तो अपने उन दोस्तों को ज़रूर भेजें जो हर साल एक नया फोन इसलिए खरीदते हैं क्योंकि पुराने फोन की बैटरी खराब हो गई होती है । शायद यह पोस्ट उनके अगले फोन की ज़िंदगी बचा दे।










